दमोह। शहर में अवैध शराब विक्रेताओं की नामजद लिस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। वायरल हुई लिस्ट में 30 से अधिक ठिकानों के नाम और पते दर्ज होने का दावा किया गया है। लिस्ट सामने आने के बाद अवैध शराब माफियाओं में तो खौफ बढ़ा है, साथ ही लोगों द्वारा पुलिस विभाग पर भी गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि जब अवैध शराब बिक्री के इतने ठिकानों की जानकारी सोशल मीडिया पर खुलेआम वायरल हो रही है, तो आखिर पुलिस अब तक कार्रवाई करने में क्यों नाकाम साबित हुई है? क्या अपराधियों को किसी वरिष्ठ अधिकारी की शह मिल रही है—ऐसा सवाल आम चर्चा का विषय बना हुआ है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया–
“वायरल लिस्ट की पूरी जांच की जा रही है। जिन लोगों के नाम और पते लिस्ट में हैं, यह देखा जा रहा है कि क्या वे वास्तव में अवैध शराब बिक्री में शामिल हैं या केवल उस स्थान के निवासी हैं। हर तथ्य की जांच के बाद ही कार्यवाही आगे बढ़ेगी। यदि पुष्टि होती है कि वे अवैध शराब विक्रय से जुड़े हैं, तो निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

ढाबा–रेस्टोरेंट में परोसी जा रही शराब पर भी कार्रवाई जल्द
एएसपी ने यह भी कहा कि शहर के बायपास मार्ग, मुख्य बाजार सहित अन्य नामचीन ढाबों और रेस्टोरेंट में परोसी जा रही अवैध शराब की शिकायतें भी संज्ञान में ली गई हैं। इस पर भी जल्द ही ठोस और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वायरल लिस्ट ने खोली बड़े नेटवर्क की परतें?
अवैध शराब की वायरल लिस्ट ने दमोह में सक्रिय शराब माफियाओं और उनकी संरचना पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि यह लिस्ट भीतरखाने में चल रहे किसी बड़े नेटवर्क का भांडा फोड़ सकती है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लिहाजा बड़े पैमाने पर बेची जा रही शराब मामले में पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे है। पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
शहर की जनता एक ही सवाल पूछ रही है—
“जब पूरा शहर जानता है, अवैध शराब कहां बिक रही अब, तो क्या पुलिस अनजान है?”









