होम पेजताजा खबरेलाइवदेश-विदेशखेलमध्यप्रदेशबॉलीवुडजॉब - एजुकेशनलाइफस्टाइलराशिफलआध्यात्मिकराजनीति18+

---विज्ञापन---

रनेह में जोखिमभरे गर्भ का सुरक्षित प्रसव, आशा टीम की लगातार कोशिशों से कुसुम ने दिया 10 वें शिशु को जन्म

On: दिसम्बर 12, 2025 5:03 अपराह्न
Follow Us:
---विज्ञापन---

दमोह। रनेह गांव की कुसुम आदिवासी के लिए गुरुवार की सुबह जीवनभर याद रहने वाली खुशखबरी लेकर आई। नौ बार घर पर प्रसव कर चुकी कुसुम ने इस बार अपना 10 वां शिशु रनेह सीएचसी में सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी के जरिए जन्म दिया। 3.5 किलोग्राम वजन का बेटा स्वस्थ है और कुसुम भी पूरी तरह स्वस्थ है। यह उपलब्धि केवल चिकित्सा सुविधा का परिणाम नहीं, बल्कि आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, एएनएम और प्रशासन के सतत प्रयासों का फल है।

रनेह में जोखिमभरे गर्भ का सुरक्षित प्रसव, आशा टीम की कोशिशों से कुसुम ने दिया 10 वें शिशु को जन्म

जोखिमों से भरा गर्भ, लेकिन हिम्मत नहीं हारी टीम ने

कुसुम का दसवां गर्भ कई जोखिम लेकर आया था—रक्त की कमी, लगातार घर पर प्रसव करने की आदत और ग्रामीण परंपराएं उसे अस्पताल आने से रोक रही थीं। लेकिन आशा सुपरवाइजर कुंती चौरसिया, आशा कार्यकर्ता राजबाई लोधी और एएनएम की महीनों की मेहनत रंग लाई। नौ महीने तक वे लगातार कुसुम के घर जाकर जांच करती रहीं, खतरों के बारे में समझाती रहीं और उसे संस्थागत प्रसव की महत्ता बताती रहीं।

इस अभियान में एसडीएम, थाना प्रभारी, जनप्रतिनिधि और पूरी रनेह स्वास्थ्य टीम ने भी सक्रिय सहयोग दिया। सामूहिक प्रयासों ने कुसुम और उसके परिवार का विश्वास जीता और समय पर अस्पताल पहुंचाने में कामयाबी मिली।

कुसुम बोली—”अस्पताल आने का लाभ अब समझ में आया”

कुसुम ने भावुक होकर कहा—“अगर आशा दीदी समझाने न आतीं, तो मैं फिर घर पर ही प्रसव कर लेती और खतरा बना रहता। लेकिन अब समझ में आया कि अस्पताल आने से ही मां और बच्चे दोनों सुरक्षित रहते हैं।”

कुसुम इससे पहले अपने सभी 9 बच्चों को घर पर ही जन्म दे चुकी है।

परिवार नियोजन पर बड़ा संदेश

कुसुम का दसवां प्रसव इस बात की ओर भी संकेत करता है कि ग्रामीण अंचलों में परिवार नियोजन कार्यक्रमों को और मजबूत करने की जरूरत है। कई परिवार आज भी कुरीतियों और जानकारी के अभाव के कारण जोखिम उठाते हैं। स्वास्थ्य विभाग अब कुसुम के परिवार को आगे की परामर्श सेवाएं दे रहा है।

अस्पतालों में प्रसव पूर्ण रूप से सुरक्षित — आशा सुपरवाइजर

आशा सुपरवाइजर कुंती चौरसिया ने बताया कि कुसुम शुरू में बिल्कुल तैयार नहीं थी, लेकिन लगातार समझाइश और विश्वास दिलाने के बाद वह तैयार हुई। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से अपील की कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव पूर्ण रूप से सुरक्षित होता है और सभी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही शासन द्वारा पोषण के लिए अनुग्रह राशि भी दी जाती है।

यह सफलता सिर्फ एक प्रसव की कहानी नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता में बढ़ते बदलाव का संकेत है, जहां सामूहिक प्रयासों से एक और परिवार सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ पाया।

j

Choukidar News

चौकीदार न्यूज़ - खबर वही जो सिस्टम हिला दे.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

दमोह में चलती बस में महिला से छेड़छाड़, बस मालिक फरार बस को जब्त करआरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

होली एवं रमजान पर्व के मद्देनज़र दमोह में पुलिस अलर्ट, शहर में निकाला फ्लैग मार्चशांति व्यवस्था बनाए रखने आम नागरिकों से सहयोग की अपील

बिसनाखेड़ी के पास दर्दनाक सड़क हादसा: 2 बाइकों की भिड़ंत में 2 की मौत, 3 वर्षीय मासूम सहित 4 गंभीर जबलपुर रेफर

दमोह में नशे की खेती का काला खेल बेनकाब: 3 एकड़ में लहलहाती अफीम बरामद, एक गिरफ्तार, दूसरा मौके से फरार

जिला अस्पताल गेट पर दो पक्षों में मारपीट, नवविवाहिता की आत्महत्या के बाद बढ़ा विवाद; वीडियो वायरल

पत्थर पटक कर 5 वर्षीय बालक की हत्या, आरोपी फरार; गांव में दहशत

Leave a Comment