मिशन अस्पताल में 7 मरीजों की मौत और फर्जी डॉक्टर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन
संपत्ति कुर्की व NSA की मांग, धर्मांतरण और शासकीय भूमि दुरुपयोग के गंभीर आरोप भी लगाए
दमोह। जिले के मिशन अस्पताल से जुड़े फर्जी कैथलैब और फर्जी डॉक्टर द्वारा किए गए कथित अवैध उपचार के दौरान 7 लोगों की मौत के गंभीर मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मुख्य आरोपी अजय लाल सहित अन्य फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, संपत्ति कुर्की और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की गई है।
विहिप ने आरोप लगाया है कि इस संवेदनशील प्रकरण में सभी आरोपी इनामी घोषित होने के बावजूद अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे आमजन में आक्रोश है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विदेश पलायन की आशंका, सख्त धाराओं में कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्य आरोपी अजय लाल के विदेश पलायन की प्रबल आशंका है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। संगठन ने आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) सहित अन्य कठोर धाराओं में कार्रवाई कर उसकी संपत्ति कुर्क करने एवं संपत्ति विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है।
धर्मांतरण के आरोप, वीडियो सामने आने का दावा
विहिप ने एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि राजकमल डेविड लाल उर्फ डूडा लाल के कथित कार्यकर्ता—रतन कश्यप, कमल कश्यप और धर्मेंद्र—एक दलित परिवार के घर ईसाई धर्म की प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं। संगठन का दावा है कि यह गतिविधि लालच या दबाव के जरिए धर्मांतरण कराने का प्रयास हो सकती है। इस मामले में जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
गांधी ग्राम राजघाट की शासकीय भूमि के दुरुपयोग का आरोप
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि गांधी ग्राम राजघाट में वर्ष 2005 में MICS संस्था के नाम से स्कूल संचालन के उद्देश्य से ली गई शासकीय भूमि (खसरा क्रमांक 435/1, 439/1, 439/2; रकबा 0.04 हेक्टेयर) का उपयोग स्कूल के बजाय चर्च संचालन और बाइबल वितरण के लिए किया गया। स्थानीय दलित समाज द्वारा पूर्व में भी इस संबंध में ज्ञापन दिए जा चुके हैं। अब पुनः ग्रामीणों ने लीज निरस्त कर संबंधित लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शहजादपुरा–सादपुर में सामुदायिक भवनों में गतिविधियों का आरोप
तहसील बटियागढ़ के शहजादपुरा और सादपुर क्षेत्रों में बने सामुदायिक भवन (भील भवन) में बाहरी लोगों के माध्यम से स्थानीय आदिवासी समुदाय के कथित गुप्त धर्मांतरण के आरोप भी ज्ञापन में लगाए गए हैं। विहिप का कहना है कि यह गतिविधियां सामाजिक समरसता के लिए घातक हैं और इनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ग्वारी गांव में अवैध कब्जा, आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
ग्वारी गांव (खसरा क्रमांक 72) में विवर्त लाल द्वारा कथित अवैध कब्जा कर धर्मांतरण केंद्र संचालित करने का आरोप भी लगाया गया है। बताया गया कि वर्ष 2013–14 में राजस्व न्यायालय ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे और अर्थदंड भी लगाया गया था, लेकिन आज तक आदेश का पालन नहीं हुआ। इस संबंध में प्रकाशित समाचारों की छायाप्रतियां भी ज्ञापन के साथ संलग्न की गई हैं।
उच्च-स्तरीय जांच की मांग
विहिप ने सभी मामलों को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए उच्च-स्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और जांच की प्रगति से शिकायतकर्ताओं को अवगत कराने की मांग की है।
प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









