दमोह बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की नृशंस हत्या कर शव जलाए जाने की घटना के विरोध में मंगलवार दोपहर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दमोह शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब तीन बजे कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए, जहां धरना प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर आक्रोश व्यक्त करते नजर आए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बांग्लादेश सहित कई देशों में हिंदू अल्पसंख्यकों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने भारत सरकार से बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कराने तथा वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
धरना प्रदर्शन के पश्चात कार्यकर्ता बांग्लादेश के राष्ट्रपति मुहम्मद शाहाबुद्दीन का पुतला घसीटते हुए घंटाघर पहुंचे, जहां पुतला दहन किया गया। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सीएसपी एच.आर. पांडे, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार, फायर ब्रिगेड की टीम सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुतला दहन के समय अग्निशमन वाहन को एहतियातन मौके पर रखा गया।
करीब एक घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन की समझाइश पर आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।









