दमोह/बटियागढ़। बटियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गेवलारी पुलिया पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। जिला परिवहन अधिकारी क्षितिज सोनी एवं बटियागढ़ थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर पुलिया का संयुक्त निरीक्षण किया और हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी क्षितिज सोनी ने बताया कि पुलिया के समीप स्थित टर्निंग पॉइंट पर दृश्यता की कमी के चलते दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मोड़ के किनारे लगे पेड़ों की कटाई कराई जा रही है, ताकि वाहन चालकों को दूर से ही पुलिया और मोड़ स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। इसके साथ ही रात्रिकालीन सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शहजादपुरा सरपंच नरेंद्र कटारे के सहयोग से पुलिया क्षेत्र में हेलोजन लाइटें लगाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पुलिया के दोनों ओर रेडियम पट्टियां एवं आवश्यक चेतावनी साइन बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं, जिससे तेज गति से आने वाले वाहनों को पहले ही सतर्क किया जा सके और दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
इस दौरान शहजादपुरा सरपंच नरेंद्र कटारे, उपनिरीक्षक शेष कुमार दुबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता अनुसार सुधारात्मक कार्य किए जाते रहेंगे।
हादसे के बाद जागा प्रशासन
गौरतलब है, कि सोमवार रात छतरपुर की ओर से आ रहा एक डंपर गेवलारी पुलिया के पास अनियंत्रित होकर पलट गया था। यह वही टर्निंग पॉइंट है, जहां आए दिन सड़क हादसे सामने आते रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे में हटा के बंधा निवासी नितेंद्र यादव सहित एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल बंधा निवासी शहजाद खान को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया था। हालांकि मारुताल पहुंचते ही शहजाद खान ने भी दम तोड़ दिया था।
एक ही हादसे में तीन लोगों की मौत से हटा नगर में शोक का माहौल बन गया था। इसके बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और आज मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान पुलिया की संरचना, मोड़ की स्थिति, दृश्यता, प्रकाश व्यवस्था और यातायात संकेतों सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। अब देखना होगा कि प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे ये सुरक्षा कदम भविष्य में हादसों पर कितना अंकुश लगा पाते हैं, या फिर इस खतरनाक मोड़ पर दुर्घटनाओं का सिलसिला यूं ही जारी रहता है।









