दमोह। चर्चित मिशन अस्पताल में फर्जी डॉक्टर एन जॉन केम द्वारा किए गए इलाज से सात मरीजों की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। मुख्य आरोपी डॉ. एन जॉन केम को पहले ही पुलिस हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
इस मामले में अस्पताल की प्रबंधन समिति के सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनकी गिरफ्तारी की मांग लगातार उठ रही थी। इसी क्रम में शुक्रवार देर शाम दमोह पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है।
सीएसपी एच. आर. पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने फ्रैंक हैरिसन उर्फ बबला को भोपाल से गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले से जुड़ी आसमा न्यूटन को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि फर्जी डॉक्टर के जरिए लंबे समय तक अस्पताल में इलाज किया जाता रहा, जिससे मरीजों की जान गई। इस गंभीर मामले ने जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









