दमोह। सागर संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के साथ पथरिया विकासखंड अंतर्गत सीतानगर में समूह जलप्रदाय योजना बेबस सुनार–2 के कार्यों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इंटेकवेल, जल शोधन संयंत्र और उच्च स्तरीय टंकी के कार्यों की प्रगति धीमी मिलने पर संभागायुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित फर्म को फटकार लगाई। उन्होंने टीम की संख्या बढ़ाकर तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा अधिकारियों को चेताया कि प्रगति नहीं होने पर फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस योजना से दमोह, हटा, बटियागढ़ और पथरिया क्षेत्र के गांवों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। निरीक्षण के बाद संभागायुक्त और कलेक्टर पटेरा विकासखंड के ग्राम हरपालपुरा पहुंचे, जहां दुग्ध समृद्धि अभियान 2.0 के तहत पशुपालकों से संवाद किया गया। संभागायुक्त ने कहा कि पारंपरिक देशी पशुओं के स्थान पर मुर्रा नस्ल की भैंस और साहीवाल नस्ल की गाय अपनाने से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, मक्का और दानेदार पशु आहार को आवश्यक बताया। संभागायुक्त ने पशुपालकों को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की हेल्पलाइन 1962 की जानकारी देते हुए कहा कि इस नंबर पर कॉल कर घर बैठे पशु चिकित्सा एम्बुलेंस सेवा प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने नस्ल सुधार, टीकाकरण और वैज्ञानिक पद्धतियों से पशुपालन अपनाने का आह्वान किया।
दौरे के दौरान संभागायुक्त ने ग्रामीणों से स्कूल शिक्षा, मध्यान्ह भोजन और उचित मूल्य दुकान से मिलने वाले राशन की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। मध्यान्ह भोजन में बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांग पर क्रिकेट ग्राउंड और गौशाला के लिए भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिए। साथ ही गांव में अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए गए।









