दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत झापन गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात वन विभाग के वनरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। झापन रेंज में जंगल में आग लगने की सूचना मिलने पर रेंजर नितेश दाहिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसी दल में दमोह शहर की जटाशंकर कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय वनरक्षक सुंदरलाल जैन पिता सुखचंद जैन भी शामिल थे।
रेंजर नितेश दाहिया के अनुसार, कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हुए थे, जबकि सुंदरलाल जैन पीछे-पीछे चल रहे थे। इसी दौरान वह अचानक आग की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।
घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने इसे संदिग्ध बताते हुए अनहोनी की आशंका जताई है। सूचना मिलते ही तेजगढ़ पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहीं आज शनिवार सुबह जिला अस्पताल स्थित शवगृह से निकलवाकर पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी गई है।









