दमोह में आयोजित दो दिवसीय बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल का रविवार को भव्य समापन हो गया। इस आयोजन ने बुंदेलखंड में फिल्म निर्माण की संभावनाओं को नया आयाम दिया। फेस्टिवल में मुंबई से आए कई नामचीन फिल्म निर्देशक और निर्माता शामिल हुए, जिन्होंने स्थानीय कलाकारों से संवाद कर उन्हें मार्गदर्शन दिया।
शनिवार को फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी दमोह पहुंचे और बुंदेलखंड के कलाकारों से मुलाकात की। वहीं रविवार को वरिष्ठ अभिनेता गोविंद नामदेव कार्यक्रम में शामिल हुए और कलाकारों को अभिनय, फिल्म निर्माण और करियर से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। रविवार शाम आयोजित समापन समारोह में मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, अभिनेता गोविंद नामदेव सहित मुंबई से आए कई फिल्म निर्माता मौजूद रहे।
इस अवसर पर मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि दो दिवसीय आयोजन के दौरान 10 फिल्म प्रोजेक्ट प्राप्त हुए हैं। आने वाले समय में बुंदेली भाषा में 10 फिल्मों का निर्माण बुंदेलखंड में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहला प्रयास है, जिसमें बीज रोपण किया गया है और भविष्य में बुंदेली फिल्म इंडस्ट्री को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। बुंदेलखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और बुंदेली भाषा अपनी समृद्धि व मिठास के लिए जानी जाती है।
मंत्री ने बताया कि दमोह स्थित मानस भवन को आधुनिक ऑडिटोरियम में परिवर्तित करने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है, जिस पर सोमवार से कार्य शुरू हो जाएगा। यहां नाट्य विधा के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक और फिल्मी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में फिल्म इंडस्ट्री स्थापित करने की दिशा में यह एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सकारात्मक सफलता मिली है।
अभिनेता गोविंद नामदेव ने कहा कि वे वर्षों से बुंदेलखंड में ऐसे आयोजन का इंतजार कर रहे थे।
इस फेस्टिवल के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को निर्माता-निर्देशकों से सीधे संवाद और मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में प्रतिभाशाली कलाकारों की भरमार है, जरूरत केवल उन्हें अवसर देने की है। मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल स्वागत योग्य है। समापन समारोह में मुंबई से आए कई फिल्म निर्माता और निर्देशकों का सम्मान भी किया गया।









