दमोह बसंत पंचमी के पावन पर्व पर दमोह जिले की आस्था के केंद्र प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वरनाथ धाम, बांदकपुर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शुक्रवार को पूरे दिन मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंजता रहा। शाम 4 बजे तक 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान जागेश्वरनाथ के दर्शन किए, जबकि देर रात तक यह संख्या 90 हजार से अधिक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिर में लघु रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। सुबह से ही दूर-दराज क्षेत्रों से कांवड़िए और श्रद्धालु मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर बांदकपुर पहुंचे और भगवान जागेश्वरनाथ का अभिषेक कर परिवार, क्षेत्र और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

मंदिर समिति प्रबंधक पंडित रामकृपाल पाठक ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन, ठहराव और सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रुकने, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और प्राथमिक चिकित्सा जैसी व्यवस्थाएं मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि श्रद्धालुओं को नियमानुसार कतारबद्ध तरीके से बारी-बारी दर्शन कराए जा रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बांदकपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा, बिलाई चौकी प्रभारी मलखान सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पूरे क्षेत्र में मुस्तैद रहे।
बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व
बसंत पंचमी को ज्ञान, विद्या और वाणी की देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व माना जाता है। यह दिन ऋतु परिवर्तन का प्रतीक भी है, जब शीत ऋतु का अंत और बसंत ऋतु का आगमन होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने जागेश्वरनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आध्यात्मिक लाभ अर्जित किया।









