दमोह बुधवार सुबह जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई, जब गायनिक विभाग के एक डॉक्टर कथित रूप से शराब के नशे में ड्यूटी पर पहुंच गए। लेबर रूम में स्टाफ नर्स से हुए विवाद के बाद मामला इतना बढ़ा कि एमसीएच बिल्डिंग के बाहर बड़ी संख्या में नर्सें एकत्रित हो गईं और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गायनिक विभाग में पदस्थ डॉ. रविंद्र ठाकुर सुबह ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पहुंचे थे। उसी समय लेबर रूम में प्रसव पीड़ा से गुजर रहीं गर्भवती महिलाएं एवं उनके परिजन मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर डॉ. ठाकुर और स्टाफ नर्स साधना जाटव के बीच तीखी बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डॉक्टर कथित रूप से नशे में थे और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
घटना से आक्रोशित नर्सिंग स्टाफ ने विरोध स्वरूप लेबर रूम से बाहर आकर एमसीएच भवन के बाहर एकत्रित होकर नाराजगी जताई। इससे कुछ समय के लिए अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और मरीजों व परिजनों में भी असमंजस की स्थिति बनी रही।
मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और स्थिति को शांत कराया। उन्होंने पुष्टि की कि संबंधित डॉक्टर के नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंचने की शिकायत मिली है तथा स्टाफ नर्स से विवाद हुआ है।
डॉ. सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की सूचना सिविल सर्जन सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। मामले की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
घटना को लेकर अस्पताल परिसर में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि लेबर रूम जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









