दमोह जिले के हिंडोरिया क्षेत्र में आज बुधवार दोपहर 3 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब बस स्टैंड के पास एक कबाड़ी के यहां वर्ष 2026 की नई मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) मिली। संवेदनशील दस्तावेज रद्दी के बीच पाए जाने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बताया जा रहा है कि यह सूची एसआईआर प्रक्रिया के तहत तैयार की गई थी, जिसके लिए शिक्षकों और कर्मचारियों ने घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया था। हाल ही में बेहतर कार्य के लिए कलेक्टर सुधीर कोचर को सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में नई मतदाता सूची का कबाड़ में मिलना गंभीर माना जा रहा है।
कबाड़ी अबरार ने बताया कि उसे जानकारी नहीं थी कि रद्दी में मतदाता सूची भी शामिल है। वहीं सूची देने वाले राजाराम अहिरवार का कहना है कि बच्चों ने अनजाने में रद्दी के साथ इसे बेच दिया था। जानकारी मिलते ही सूची वापस ले ली गई।
मामले में एसडीएम आर.एल. बागरी ने बताया कि हटा विधानसभा की प्रारूप मतदाता सूचियां राजनीतिक दलों को वितरित की गई थीं। एक दल के नगर अध्यक्ष (हिंडोरिया) के यहां रखी प्रतियां उनके पुत्र द्वारा अज्ञानतावश अन्य व्यक्ति को दे दी गई थीं। जांच के बाद संबंधित सूचियां वापस प्राप्त कर ली गई हैं।









