दमोह। जिले में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पटेरा थाना क्षेत्र के कुडई गांव से दो किशोरों के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया। परिजनों की तत्परता और बच्चों की सूझबूझ से एक संभावित बड़ी वारदात टल गई। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
स्कूल जाते समय रास्ते में घेरा
घटना पटेरा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। एक बच्चे के परिजन राम मिलन अहिरवार ने बताया कि उनका बेटा गांव के एक निजी स्कूल में पढ़ता है। शुक्रवार सुबह वह अपने एक साथी के साथ स्कूल जा रहा था।
रास्ते में दो अज्ञात व्यक्ति बच्चों के पास पहुंचे और बहला-फुसलाकर उन्हें करेरा नाले की ओर ले गए। आरोप है कि आरोपियों ने किसी को फोन कर गाड़ी बुलवाई। बच्चों को नाले के पास रोककर इंतजार कराया गया।
‘बाथरूम’ का बहाना और बच्चों की बहादुरी
परिजनों के मुताबिक, आगे चलकर दोनों संदिग्ध व्यक्ति बाथरूम जाने के बहाने रुके। इसी दौरान बच्चों ने मौका पाकर वहां से जान बचाकर दौड़ लगा दी। घबराए बच्चे सीधे घर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी।
परिजनों ने तुरंत ग्रामीणों को साथ लेकर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। घटना की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और अभिभावकों में भय का माहौल बन गया।
पुलिस बोली– CCTV खंगाले जाएंगे
थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया कि परिजनों द्वारा किशोरों के अपहरण के प्रयास की शिकायत दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। बच्चों द्वारा बताए गए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी। तथ्यों की पुष्टि के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गांव में दहशत, बढ़ी सतर्कता
घटना के बाद ग्रामीणों ने बच्चों को अकेले स्कूल न भेजने और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने की अपील की है। अभिभावकों ने प्रशासन से क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल दोनों किशोर सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह वास्तव में अपहरण का प्रयास था या कोई और परिस्थिति। वास्तविक कारणों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।









