दमोह देहात थाना क्षेत्र के समन्ना गांव में 58 वर्षीय गुड्डा पटेल द्वारा 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा की बेरहमी से हत्या करने के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। गुरुवार को हुई इस सनसनीखेज घटना के गांव पहुंचे तो ग्रामीण सहमे हुए नजर आए और अपने घरों के बाहर बैठकर घटना की चर्चा करते दिखे। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने भरत की हत्या करने के बाद उसका भेजा खाया और खून भी पिया।
ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी गुड्डा पटेल का आपराधिक इतिहास रहा है। करीब 15 साल पहले उसने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी थी और खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर घर से बाहर कटा हुआ पत्नी का सुर लेकर गांव में निकल आया था। लंबे समय बाद अब उसने फिर एक बार इतनी भयावह घटना को अंजाम दिया है। ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है।
12 बार हथौड़े से किया हमला
प्रत्यक्षदर्शी उमाकांत विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी ने भरत विश्वकर्मा के सिर पर करीब 12 बार हथौड़े से हमला किया। सिर फोड़ने के बाद वह उसका भेजा खाने और खून पीने लगा। जब ग्रामीणों ने उसे रोकने की कोशिश की तो वह उन पर भी हमला करने दौड़ा। इसके बाद लोगों ने उस पर पत्थर फेंके, जिससे वह खेत की ओर भाग गया। बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
15 मिनट तक करता रहा वार
मृतक भरत विश्वकर्मा के रिश्ते के जीजा कन्हैयालाल विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी करीब 15 मिनट तक लगातार हथौड़े से हमला करता रहा। जब वे लोग भरत को बचाने पहुंचे तो आरोपी उनके ऊपर भी हमला करने दौड़ा। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पकड़कर ले गई।
आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग
प्रत्यक्षदर्शी देवेंद्र विश्वकर्मा का कहना है कि आरोपी पहले से ही मानसिक रूप से असामान्य व्यवहार करता था। हाथ में रॉड लेकर पूरे गांव में घूमता था। इसके बावजूद परिजनों ने उसे अकेला छोड़ दिया। उनका कहना है कि यदि उसे पहले ही नियंत्रण में रखा जाता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी देने और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।
भाई दूज पर बहन के घर आया था भरत
मृतक भरत विश्वकर्मा अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला था और गुरुवार को भाई दूज के अवसर पर अपनी बहन दीक्षा विश्वकर्मा के घर समन्ना आया था। बहन दीक्षा की जेठानी प्रिया विश्वकर्मा ने बताया कि भरत बाइक से घर के बाहर पहुंचा ही था, तभी गुड्डा पटेल ने उस पर हमला कर दिया। उस समय घर के लोग अंदर थे। ग्रामीणों की आवाज सुनकर जब वे बाहर आए, तब तक भरत की मौत हो चुकी थी।
तांत्रिक क्रियाओं में रुचि रखता था आरोपी
ग्रामीण नरेंद्र पटेल ने बताया कि आरोपी तांत्रिक क्रियाओं में विश्वास करता था। 15 साल पहले पत्नी की हत्या से पहले वह श्मशान जाकर हड्डियां लाया करता था। जेल से छूटने के बाद कुछ समय तक वह सामान्य रहा, लेकिन गुरुवार को उसने अचानक इतनी भयावह वारदात कर दी।
सुबह गांव में घूमता दिखा था
गांव की 65 वर्षीय चंद्ररानी पटेल ने बताया कि घटना के दिन सुबह करीब 9 बजे आरोपी उनके घर आया था और कुछ देर रुककर चला गया था। वह तीन महीने पहले अपनी मां की मौत के बाद गांव आया था। 24 फरवरी को उसके बेटे की शादी हुई थी और बेटा अपनी पत्नी को लेने ससुराल गया हुआ था।
घटना के बाद घर सुनसान
घटना के बाद आरोपी का घर सुनसान पड़ा है और दरवाजों पर ताले लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का बेटा अभी तक गांव नहीं लौटा है। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि बेटे की लापरवाही के कारण ही आरोपी अकेला घूम रहा था, इसलिए उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी गुड्डा पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। जहां से उसे जेल भेज दिया है। इस दिल दहला देने वाले घटा के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।









