दमोह | लापता नाबालिग किशोरी की तलाश में महाराष्ट्र पुलिस ने दो राज्यों की सीमाएं पार करते हुए करीब 1000 किलोमीटर का सफर तय किया। महीनों से रहस्य बनी किशोरी आखिरकार दमोह जिले से बरामद कर ली गई। इस मामले में दमोह का ही एक युवक आरोपी निकला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मामला महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर जिले के फूलंबरी थाना क्षेत्र का है। यहां मजदूरी करने गए दमोह जिले के एक परिवार की नाबालिग बेटी तीन महीने पहले अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद किशोरी और आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
दमोह से हरियाणा तक चला पुलिस का ऑपरेशन
जांच के दौरान महाराष्ट्र पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी युवक मध्यप्रदेश के दमोह जिले से जुड़ा है। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की टीम दमोह पहुंची, जिन्होंने कोतवाली TI मनीष कुमार से मामले के सम्बन्ध में संक्षिप्त जानकारी दी। लेकिन यहां आरोपी हाथ नहीं आया। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रेस करने पर आरोपी की मौजूदगी हरियाणा के करनाल में सामने आई। तत्काल हरियाणा पुलिस से समन्वय कर विशेष टीम रवाना की गई, जहां से किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
शुक्रवार को दमोह कोतवाली पहुंची महाराष्ट्र पुलिस
शुक्रवार को महाराष्ट्र पुलिस किशोरी और आरोपी को लेकर दमोह कोतवाली पहुंची। यहां औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को महाराष्ट्र ले जाने की तैयारी की जा रही है।
क्या बोले जांच अधिकारी
इस संबंध में दमोह पहुंचे फूलंबरी थाना में पदस्थ एसआई सुग्रीव चाटे ने जानकारी देते हुए बताया कि
“आरोपी युवक ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा लिया था। किशोरी के बयान दर्ज करने के बाद महाराष्ट्र में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
गंभीर धाराओं में होगी कार्रवाई
किशोरी के नाबालिग होने के कारण मामले में अपहरण, बाल संरक्षण कानून (POCSO) समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि किशोरी के बयान और मेडिकल जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









