
दमोह – बुंदेलखंड की माटी से निकले प्रतिभावान अभिनेता देवेंद्र अहिरवार अब बड़े पर्दे पर चमकने को तैयार हैं। छतरपुर जिले के इस उभरते हुए फिल्म कलाकार की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म “120 बहादुर” इस 21 नवंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।
देवेंद्र अहिरवार एक ऐसा नाम है जो रंगमंच से लेकर कैमरे तक अपनी मेहनत, जुनून और कला के दम पर मज़बूत पहचान बना चुके हैं। 2012 में MPSD से अभिनय और 2017 में NSD से डिज़ाइन व निर्देशन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले देवेंद्र आज एक लेखक, निर्देशक, गायक और अभिनेता—चारों रूपों में अपनी कला का लोहा मनवा रहे हैं।

उनका पहला कविता संग्रह “पनडुब्बियां” राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया, जबकि उनका बैंड “मंडी हाउस दा बैंड” युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। फ़िल्म 120 बहादुर में देवेंद्र एक महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आएंगे। वे कहते हैं कि उनकी प्रेरणा फ़रहान अख़्तर हैं—“वो जैसे लिखते, गाते और अभिनय करते हैं, मैं भी उसी परंपरा का लड़का हूं।”

शूटिंग के दौरान एक दिलचस्प वाक्या तब हुआ जब देवेंद्र लद्दाख में छुट्टी के दिन अकेले एक ऊँचा पहाड़ चढ़ गए। ऊपर से दिखाई देती इंडस नदी, चीन की चोटियाँ और तिरंगा देखकर वे क्षणभर में भावुक हो उठे। उनकी उसी चढ़ाई की वजह से फ़रहान अख़्तर और 500 लोगों की यूनिट को 3 घंटे इंतज़ार करना पड़ा—लेकिन देवेंद्र कहते हैं, “वो एक घंटा ज़िंदगी का सबसे सच्चा अनुभव था।”

देवेंद्र का लिखा और निर्देशित नाटक “बहुत ज़ोर से प्यार लगा है” भी देशभर में मंचन के लिए तैयार है। बुंदेली माटी के इस लाल की उपलब्धियों से छतरपुर ही नहीं, पूरा बुंदेलखंड गर्व महसूस कर रहा है। 21 नवंबर को रिलीज होने वाली “120 बहादुर” से देवेंद्र को अपने क्षेत्र बुंदेलखंड के दर्शकों से सबसे ज्यादा प्यार की उम्मीद है।









