भावांतर योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, तीन गल्ला व्यापारियों पर FIR — मंडी बोर्ड की जांच में करोड़ों के स्टॉक घोटाले का खुलासा
दमोह/हटा। कृषि उपज मंडी में संचालित भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भावांतर योजना में बड़े पैमाने पर फर्जी खरीद-फरोख्त का पर्दाफाश हुआ है। ई-पोर्टल पर दर्ज खरीदी और पंजीकृत गोदामों में मौजूद वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिलने के बाद तीन गल्ला व्यापारियों— बिट्ठल ट्रेडर्स के प्रखर अग्रवाल व पिता प्रकाश अग्रवाल, अग्रवाल ट्रेडिंग के प्रकाश बीठल (अग्रवाल) और मां चण्डी इंटरप्राइजेस के रामस्वरूप असाटी— के खिलाफ हटा पुलिस थाना में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मंडी सचिव ज्ञान प्रकाश कपिल की लिखित तहरीर और मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक की जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धाराएँ 316(5), 318(4) तथा कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धाराएँ 32, 19(6) और उपविधि 20(10) में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
जांच में सामने आया कि 21 नवंबर को हुए औचक निरीक्षण में ई-पोर्टल पर दिखाई जा रही खरीदी और गोदाम स्टॉक में भारी गड़बड़ी पकड़ी गई। पंचनामा के दौरान बिट्ठल ट्रेडर्स व अग्रवाल ट्रेडिंग का स्टॉक खरीदी से 1969 क्विंटल कम मिला, जबकि मां चण्डी इंटरप्राइजेस के गोदाम में 2850.58 क्विंटल का अंतर पाया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि योजना में री-साइक्लिंग कर किसानों के नाम पर फर्जी खरीदी डाली जा रही थी।
व्यापारियों की लापरवाही और किसानों के भुगतान में देरी के मामले में मंडी बोर्ड ने तत्कालीन सचिव सी.एल. सौर को निलंबित कर दिया था। कलेक्टर सुधीर कोचर ने समीक्षा बैठक में तत्काल FIR दर्ज करने के निर्देश दिए, जिसके बाद नए सचिव ने शुक्रवार को मामला दर्ज कराया।
हटा TI सुधीर बेगी ने कहा— मामला विवेचना में है, और भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।








