दमोह आज रविवार दोपहर शहर में तब सनसनी फैल गई जब अचानक अखंड हिंद फौज (AHF) के बैनर तले 32 युवक युवतियां बिना किसी पूर्व सार्वजनिक सूचना के रीवा ट्रेनिंग परीक्षण के लिए ट्रेन से रवाना हुए। रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में बच्चों को एक साथ ट्रेन में चढ़ते देख लोगों ने शंका जताई और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया।
मामले पर बात करते हुए जिला प्रभारी हेमासागर कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि AHF भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और मध्यप्रदेश शासन अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संगठन है, जो 12 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 1 से 3 वर्ष का सैन्य प्रशिक्षण प्रदान करता है। हर रविवार 3 घंटे की दौड़ के आधार पर 120 बच्चों का चयन किया जाता है और प्रदेश के 12 जिलों से बच्चों को ट्रेनिंग हेतु भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि आज का प्रस्थान भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा था। जिनके द्वारा जिला प्रशासन से भी बच्चों को प्रशिक्षण के लिए ले जाने की अनुमति संबंधी दस्तावेज दिखाए गए। प्रभारी की स्पष्टीकरण के बाद स्थिति सामान्य हुई। और बच्चियां ट्रेन से रवाना हुई।








