दमोह जिले की ब्यारमा नदी लगातार अवैध खनन की भेंट चढ़ती जा रही है। अभाना स्थित राजघाट से निकली ब्यारमा नदी के सूखे क्षेत्र में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए बड़े पैमाने पर पत्थर और रेत का अवैध उत्खनन किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खनन माफिया बिना किसी डर के नदी में उतरकर खनिज संपदा को निकालते रहे और उसे बाजार तक पहुंचा दिया गया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि रोजाना का सिलसिला बन चुका है। अल सुबह ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नदी में पहुंच जाती हैं और दिन चढ़ने से पहले खनन कर लिया जाता है। माफियाओं का इतना दबदबा है कि ग्रामीण चाहकर भी विरोध नहीं कर पाते। विरोध करने पर विवाद और डर का माहौल बन जाता है।
ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए बताया कि अंधाधुंध खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप को भारी नुकसान पहुंच रहा है। नदी में कटाव बढ़ रहा है, जिससे आसपास के खेतों और गांवों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
खनिज विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इस मामले में जिला खनिज अधिकारी राजेंद्र कमलेश ने कहा कि मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन वास्तव में अवैध खनन पर लगाम लगाएगा या ब्यारमा नदी यूं ही माफियाओं की लूट का शिकार बनी रहेगी।









