दमोह। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शासन द्वारा दूरस्थ अंचलों से आने वाले मरीजों को आपातकालीन स्थिति में निःशुल्क सेवा देने के लिए संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा अब मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। ताजा मामला सामने आया है, जहां 108 एम्बुलेंस संचालक द्वारा मरीज के परिजनों से खुलेआम रुपयों की मांग की गई।
पीड़ित परिजन ने बताया कि उनका बच्चा गंभीर रूप से बीमार है। जिला अस्पताल में न तो बच्चे का समुचित इलाज कराया गया और न ही भोजन की व्यवस्था हो सकी। परिजनों के पास न पैसे हैं और न कोई सहारा, बावजूद इसके घर छोड़ने के लिए एम्बुलेंस संचालक द्वारा पैसों की मांग की जा रही है। पीड़ित का यह दर्दनाक बयान शुक्रवार शाम को सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी 108 एम्बुलेंस से अवैध वसूली के कई मामले उजागर हो चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सवाल यह है कि निःशुल्क सेवा के नाम पर मरीजों से वसूली कब रुकेगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब की जाएगी।









