विश्व विजेता ब्लाइंड वूमेन क्रिकेटर सुषमा पटेल का कलेक्टर कार्यालय में सम्मान, दमोह की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान, संघर्ष की मार्मिक कहानी सुनकर कलेक्टर-एसपी भी हुए भावुक
दमोह। भारतीय ब्लाइंड वूमेन क्रिकेट टीम की विश्व विजेता खिलाड़ी सुषमा पटेल सोमवार को जब अपने गृह जिले पहुँचीं, तो कलेक्ट्रेट कार्यालय में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सुषमा का सम्मान किया। घाना मैली (जबेरा) के साधारण किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शिखर तक पहुँची सुषमा की प्रेरणादायक कहानी ने अधिकारियों को भी भावुक कर दिया।
ग्रामीण अंचल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक की प्रेरक यात्रा
सुषमा ने बताया कि बचपन में रेडियो पर सचिन तेंदुलकर की आवाज सुनते हुए उनके भीतर क्रिकेट का बीज पड़ा। जबलपुर क्रिकेट एसोसिएशन में भाई को खेलते देख उन्होंने भी खेल को गंभीरता से अपनाया। परिवार ने संसाधनों की कमी के बावजूद पूरा सहयोग दिया और वे क्रिकेट अकादमी में प्रवेश ले सकीं। बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण के दौरान ब्लाइंड क्रिकेट के अवसरों से परिचय हुआ।
साल 2023 में मध्यप्रदेश कैब के जनरल सेक्रेटरी सोनू सर से मुलाकात उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी। उनकी सलाह और मार्गदर्शन ने सुषमा को भारतीय ब्लाइंड वूमेन क्रिकेट टीम तक पहुँचाया। वे टीम की कप्तान नियुक्त हुईं और इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप में भारत को गोल्ड दिलाया। इसके बाद 2025 विश्व कप में भी उनकी कप्तानी में टीम ने ऐतिहासिक विजय हासिल कर देश का मान बढ़ाया।
सम्मान मिला, पर प्रदेश से सम्मान की आस अभी बाकी
सम्मान समारोह के दौरान सुषमा ने कहा—
“कर्नाटक और असम सहित कई राज्यों ने अपनी खिलाड़ियों को नकद राशि और सरकारी नौकरी देकर सम्मानित किया है। लेकिन मध्यप्रदेश की ओर से अब तक कोई घोषणा नहीं हुई, जबकि हमारी टीम में प्रदेश की तीन खिलाड़ी शामिल हैं।”
उन्होंने बताया कि वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई शीर्ष नेताओं से मिल चुकी हैं और अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात का इंतजार है, जिसके बाद सम्मान की उम्मीद बनी हुई है।
कलेक्टर-एसपी ने दी शुभकामनाएँ, खिलाड़ियों के लिए नई पहल की तैयारी
कलेक्टर कोचर और एसपी सोमवंशी ने सुषमा की मेहनत और साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय है। कलेक्टर ने घोषणा की कि जिले में खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष कार्यशालाएँ और मोटिवेशनल लेक्चर आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन मिल सके।
सुषमा ने बेटियों को दिया संदेश—“परिवार साथ दे तो कोई सपना असंभव नहीं”
सुषमा ने कहा—
“महिलाओं के लिए घर से निकलना आसान नहीं, लेकिन परिवार साथ दे तो वे दुनिया में कोई भी मुकाम हासिल कर सकती हैं।”
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करें।
पिता ने जताया गर्व
सुषमा के पिता बाबूलाल पटेल ने कहा—
“मेरी बेटी ने जो सपना देखा, उसे पूरा किया। मैं सभी अभिभावकों से कहना चाहता हूँ कि अपने बच्चों का साथ दें, चाहे वे खेल में आगे बढ़ना चाहें या शिक्षा में।”
दमोह की इस प्रतिभाशाली बेटी का सम्मान न केवल उनके संघर्षों की जीत है, बल्कि जिले के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा भी है।









