दमोह/बटियागढ़। छतरपुर हाइवे पर स्थित गेवलारी की पुलिया भारी वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बटियागढ़ थाना क्षेत्र की इस पुलिया पर पिछले एक वर्ष में दर्जनभर से ज्यादा ट्रक पलट चुके हैं। कई हादसों में चालक और परिचालक घायल हुए, जबकि कुछ मामलों में मौत भी हुई है। हर बार वाहनों के पलटने से लाखों का आर्थिक नुकसान भी सामने आया है।
पुलिया की खामी और घातक मोड़ बना हादसों की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिया मानकों के अनुरूप नहीं बनी है। इसका करीब 90 डिग्री का अचानक मोड़ और ढलान भारी वाहनों के लिए घातक बन चुका है। तेज रफ्तार में आते वाहन संतुलन खो देते हैं और हल्का-सा झटका लगते ही ट्रक एक ओर झुककर पलट जाता है।
रात के समय रोशनी की कमी, चेतावनी संकेतों, रिफ्लेक्टर और गति नियंत्रण व्यवस्था न होना हालात को और खतरनाक बना देता है।
सालों से स्थिति जस की तस, प्रशासन बेपरवाह
स्थानीय लोगों ने कई बार सड़क सुधार की मांग प्रशासन तक पहुंचाई, लेकिन न तो पुलिया में सुधार किया गया और न ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। चालक और परिचालक बताते हैं कि हाइवे से गुजरते समय यहां रफ्तार नियंत्रित करने या मोड़ पर सावधानी बरतने के लिए कोई गाइडलाइन या चेतावनी नहीं मिलती।
हादसों के बाद भी ब्लैक स्पॉट घोषित नहीं
नियमों के अनुसार किसी भी 500 मीटर क्षेत्र में 3 साल में
5 गंभीर हादसे या
10 मौतें
होने पर उसे ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है।
लेकिन गेवलारी पुलिया पर एक ही वर्ष में लगभग 12 भारी वाहन पलटने के बावजूद इसे ब्लैक स्पॉट घोषित नहीं किया गया। नतीजा यह कि सुधार कार्य भी शुरू नहीं हो सका।
सुधार के नाम पर सिर्फ ब्रेकर—वह भी बिना चेतावनी
यहां सुधार के नाम पर कुछ स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, वह भी बिना रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड के। स्थानीय चालकों का कहना है कि ये ब्रेकर बाहरी चालकों को अचानक अनियंत्रित कर देते हैं और दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोग बोले—शिकायतें अनसुनी कर रहा प्रशासन
ग्रामीण राजेश यादव, मनोज पटेल, राजू लोधी, पंचम और अन्य लोगों का कहना है कि कई बार लिखित शिकायतें देकर हादसों की जानकारी दी गई, लेकिन प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया।
“समस्या बताने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा, इसलिए हादसों का सिलसिला रुक नहीं रहा,” ग्रामीणों ने कहा।
इस साल कब-कब पलटे भारी वाहन
जुलाई – दवाओं से भरा ट्रक पलटा, ड्राइवर-क्लीनर घायल।
अगस्त – दूल्हादेव के पास ट्रक पलटा; चालक 5 घंटे तक फंसा रहा।
मार्च – एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, जनहानि नहीं।
फरवरी – एथनॉल टैंकर पुलिया से दूरी पर पलटा।
जनवरी – पुलिया पर ट्रक पलटा, चालक-परिचालक घायल।
नवंबर 2024 – ट्रक पलटने से चालक की मौत।
नवंबर 2024 – क्लिंकर से भरा ट्रक पलटा, चालक घायल।
सितंबर 2024 – मैदे से लदा ट्रक पलटा, चालक-परिचालक घायल।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिया को तुरंत ब्लैक स्पॉट घोषित कर सुधार कार्य शुरू किए जाएं, ताकि बढ़ते हादसों पर रोक लग सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो।









