जिला न्यायालय परिसर में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, वकीलों की तत्परता से बची जान
दमोह जिला न्यायालय में आज मंगलवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट परिसर में मौजूद एक महिला ने अचानक बच्चे को जन्म दे दिया। न्यायालय में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और वहीं डिलीवरी हो गई।
जानकारी के अनुसार निशा वंशकार अपने पति कैलाश वंशकार से मिलने जिला न्यायालय पहुंची थीं। कैलाश बीते तीन माह से जेल में बंद है और आज पेशी पर कोर्ट लाया गया था। इसी दौरान अचानक निशा को तेज प्रसव पीड़ा हुई और कोर्ट परिसर में ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया।
घटना की जानकारी लगते ही न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौजूद अधिवक्ताओं ने मानवीयता दिखाते हुए तत्काल महिला की मदद की और एंबुलेंस की व्यवस्था कर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में जच्चा-बच्चा दोनों को भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है।
इस अप्रत्याशित घटना से परिजन भावुक हो उठे। परिजनों ने कहा कि जिस तरह वकीलों ने संकट की घड़ी में मदद की, उससे वे बेहद प्रभावित हैं। परिजनों ने यह भी घोषणा की कि नवजात शिशु का नाम अधिवक्ता ही रखेंगे।
मामले को नवजात की बड़ी मां रजनी वंशकार और अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि समय पर मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया। न्यायालय परिसर में हुई इस अनोखी घटना की चर्चा पूरे दिन शहर में की जा रही है।









