माधवराव सप्रे शासकीय महाविद्यालय में पं. माधवराव सप्रे की प्रतिमा का हुआ अनावरण, पथरिया की साहित्यिक पहचान को मिला गौरव
दमोह जिले के पथरिया स्थित माधवराव सप्रे शासकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, साहित्यकार एवं पत्रकारिता के पुरोधा पंडित माधवराव सप्रे की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर पथरिया के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पथरिया में जन्मे पं. माधवराव सप्रे हिंदी नवजागरण के प्रमुख स्तंभ रहे हैं। उन्होंने ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ जैसी पहली हिंदी कहानी लिखकर साहित्य को नई दिशा दी और पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अमूल्य योगदान दिया। उनकी प्रतिमा का महाविद्यालय परिसर में स्थापित होना युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा तथा नगर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान वहां जन्मे महान व्यक्तित्वों से होती है। सप्रे जी का नाम और स्मृति महाविद्यालय से जुड़ना पथरिया के आत्मसम्मान और गौरव की पुनर्स्थापना है।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री लखन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, युवा नेता लोकेंद्र पटेल, महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सप्रे जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।









