दमोह। जननायक स्व. सुखलाल कुशवाहा पूर्व सांसद की 62 वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को दमोह के तहसील ग्राउंड में अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद मप्र के तत्वावधान में ऐतिहासिक महा न्याय रैली का आयोजन किया गया। रैली में प्रदेश के कई जिलों से कुशवाहा समाज, ओबीसी महासभा, अल्पसंख्यक एवं दलित वर्ग के हजारों लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद डी.पी. यादव ने कहा कि सुखलाल कुशवाहा निडर, विचारों की मशाल और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित नेता थे। उनकी जयंती पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है, कि वे आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर खून देने में जाति नहीं देखी जाती, उसी तरह समाज को भी एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ खड़ा होना होगा।
पूर्व मंत्री सुरेश राजे, पूर्व विधायक अजय टंडन, राजा पटेरिया सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि दलित-शोषित-वंचित समुदायों पर लगातार हमले हो रहे हैं और कई घटनाएं सामने भी नहीं आ पा रही हैं। सरकार की चुप्पी को अपराध बताते हुए मंच से “संविधान बचाओ” का नारा दिया गया।
आयोजक एवं विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि उनके पिता द्वारा शुरू की गई सामाजिक न्याय की लड़ाई को वे निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि कोई भी पीड़ित यह न समझे कि वह अकेला है। कार्यक्रम प्रभारी बसंत कुशवाहा ने अतिथियों का स्वागत किया। रैली के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर शहर के प्रमुख मार्गों पर डायवर्सन और भारी पुलिस बल तैनात रहा। रैली शांतिपूर्ण रही, लेकिन तेवरों में आक्रामक दिखाई दी।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन में सीएसपी एच आर पांडे, कोतवाली TI मनीष कुमार, सागर नगर चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी, जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रसिता कुर्मी, नीतीश जैन सहित बड़ी संख्या में थाना चौकियों का पुलिस बल मौजूद रहा।









