छतरपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि घटना के बावजूद उसकी पूरी शिकायत दर्ज नहीं की गई और केवल एक आरोपी के खिलाफ ही मामला दर्ज किया गया।
पीड़ित रमेश अहिरवार की पंजाब नेशनल बैंक के पास मोबाइल एवं कंप्यूटर रिपेयरिंग की दुकान है।
जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले सुनील मिश्रा के परिवार का मोबाइल रिपेयर किया गया था। तकनीकी खराबी के कारण उस मोबाइल की कॉल रमेश के मोबाइल पर फॉरवर्ड होने लगी। इसी बात से नाराज होकर 20 दिसंबर की रात करीब 8:30 बजे सुनील मिश्रा 5–6 लोगों के साथ रमेश की दुकान में पहुंचा।
आरोप है कि दुकान में घुसते ही रमेश के साथ गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की, उसे जमीन पर पटक दिया और दुकान में रखे सामान में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद दुकान के बाहर भी मारपीट की गई। आसपास के दुकानदारों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
रमेश अहिरवार का कहना है कि वह रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली थाना पहुंचा, लेकिन पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज नहीं किया और जांच का हवाला देकर रातभर थाने में बैठाए रखा। अगले दिन 21 दिसंबर को दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने मंगवाई। पीड़ित का आरोप है कि फुटेज में एक से अधिक लोगों द्वारा मारपीट स्पष्ट दिखने के बावजूद पुलिस ने केवल सुनील मिश्रा के खिलाफ ही मामला दर्ज किया।
पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज और एफआईआर की प्रति पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पीड़ित न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।









