दमोह। न्यू दमोह क्षेत्र में कचरे के ढेर में मिले अज्ञात शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला हत्या नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग से जुड़ी आत्महत्या का निकला। युवक ने प्रेमिका के घर में ही फांसी लगाकर जान दे दी थी, जिसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को कचरे के ढेर में फेंक दिया गया था।
रविवार को जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत न्यू दमोह में कचरे के ढेर में शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी स्वयं मौके पर पहुंचे और कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार व पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर बुधवार रात पूरे मामले का खुलासा किया।
सीएसपी एच.आर. पांडे ने बताया कि मृतक की पहचान बटियागढ़ निवासी सूरज बंसल के रूप में हुई है। सूरज के बड़ेपुरा निवासी बबली अहिरवार से पिछले आठ वर्षों से प्रेम संबंध थे। दोनों की पहचान दिल्ली में काम के दौरान हुई थी। सूरज का बबली के घर आना-जाना बना रहता था। वह कोई नियमित काम नहीं करता था और शराब पीने का आदी था, जिसको लेकर महिला के बड़े बेटे अरुण और एक नाबालिग बेटे द्वारा अक्सर विरोध किया जाता था।
शनिवार को भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जब घर के सभी लोग काम पर चले गए, तभी सूरज ने बबली के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शाम को जब बबली और उसके दोनों बेटे घर लौटे तो शव फंदे से लटका मिला। घबराहट और सामाजिक भय के चलते उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को देने के बजाय साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया।
रात के अंधेरे में महिला ने अपने दोनों बच्चों की मदद से शव को बाइक पर रखकर न्यू दमोह क्षेत्र में कचरे के ढेर में फेंक दिया। सुबह स्थानीय लोगों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक तौर पर शरीर पर चोट के निशान मिलने के कारण हत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या पाया गया।
पुलिस ने इस मामले में धारा 306 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी बबली अहिरवार, उसके बेटे अरुण और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शव को ठिकाने लगाना गंभीर अपराध है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।









