दमोह। नोहटा थाना क्षेत्र के कई गांवों में खुलेआम बिक रही अवैध शराब के खिलाफ मंगलवार को महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। घांघरी, हरदुआ, सड़क, भजिया, बहेरिया, कुलुवापटी, कनेपुर और मौसीपुरा गांवों से सैकड़ों महिलाएं नोहटा थाना पहुंचीं और अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। महिलाओं ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपने की मांग की, लेकिन उनके मौके पर मौजूद न रहने के कारण ज्ञापन नहीं दिया जा सका।
थाना परिसर में महिलाओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि गांवों में धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब ने सामाजिक माहौल बिगाड़ दिया है। महिलाओं का आरोप है कि शराब के कारण घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
थाना प्रभारी ने महिलाओं से वार्ता करते हुए उन्हें दो दिन का समय देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में अवैध शराब बिक रही है, वहां शराब बेचने वालों की सूची उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि सूची मिलने के दो दिन के भीतर संबंधित ठिकानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन में जनपद उपाध्यक्ष रश्मि सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मालती ठाकुर, बरसा अहिरवार, ओमवती ठाकुर, रामवती उपाध्याय सहित कई महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं। भगवती मानव कल्याण संगठन की ओर से भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने आंदोलन का समर्थन किया।
महिलाओं और संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा में अवैध शराब की बिक्री बंद नहीं हुई, तो नोहटा थाना क्षेत्र में विशाल धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण महिलाओं ने दो टूक कहा—“या तो गांव में शराब बंद होगी, या उग्र आंदोलन किया जाएगा।









