पथरिया– कृषि उपज मंडी में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब आक्रोशित किसानों ने मंडी परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के व्यापारियों ने उनका अनाज खरीदने से इंकार कर दिया, जिसके चलते मंडी में नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई।
नीलामी नहीं होने से नाराज किसानों ने एकजुट होकर मंडी परिसर में प्रदर्शन किया और कृषि उपज मंडी का मुख्य द्वार बंद कर दिया। किसानों का कहना था कि वे दूर-दराज से अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन अचानक व्यापारियों द्वारा खरीद नहीं किए जाने से उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
मामला यह हैं कि तीन दिन पूर्व भावांतर भुगतान में व्यापारियों द्वारा संभवतः करोड़ों रुपये की गड़बड़ी सामने आई थी, जिस पर पांच व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमे मंडी सचिव द्वारा तीन फर्मो पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उसके मंडी सचिव महिपाल सिंह द्वारा फोन बंद कर दिया गया । जिसकी जानकारी एसडीएम को मिली तो उन्होंने बाद दो फर्मो पर एफआईआर के लिए और कहा।
इसी कार्रवाई के चलते अन्य व्यापारियों ने आज मंडी में नीलामी नहीं की होने से किसान बेहद नाराज नजर आए।
के तहत पथरिया के पांच व्यापारियों
सूचना मिलते ही पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया, तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी एवं पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया और उन्हें समझाइश दी।
बताया जा रहा है, करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मंडी परिषद के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। साथ ही व्यापारियों को एसडीएम कार्यालय में एकत्रित कर बुलाया जा रहा है, ताकि आपसी बातचीत के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया को पुनः शुरू कराया जा सके।
फिलहाल प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रण में है लेकिन किसान जल्द समाधान नहीं होने पर दौरान आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।









