दमोह। जबेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पूरनयाऊ में कुछ दिन पहले मिले किसान बेनी कड़ेरे के शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। खेत की झोपड़ी में मृत अवस्था में मिले इस किसान की हत्या कैसे और किसने की—यह पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया और एसडीओपी देवीसिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विकास सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की सहायता से पुलिस ने घटना की गुत्थी को सुलझाने के लिए लगातार पड़ताल की और संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी रखी।
संदिग्ध युवक पकड़ाया, गहन पूछताछ में खोला राज
कड़ी जांच के बाद पुलिस ने देवतरा पूरनयाऊ निवासी रवि उर्फ चुन्नू रैकवार को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में वह टालमटोल करता रहा, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ के बाद उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि 14 नवंबर की शाम लगभग 5 बजे बेनी कड़ेरे से खेत में सिंचाई के पानी को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे जब वह अपने खेत की ओर जा रहा था, तभी टपरिया के पास बेनी कड़ेरे ने फिर उससे गाली-गलौज की। इससे गुस्साए रवि उर्फ चुन्नू ने अपने हाथ में लिए लोहे के हाशिया से बेनी की गर्दन पर जोरदार वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद हत्यारोपित ने हथियार छिपा दिया
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने घबराहट में हाशिया तालाब के किनारे छिपा दिया और घर जाकर ऐसा व्यवहार किया मानो कुछ हुआ ही नहीं। उसी रात किसान बेनी कड़ेरे खेत की टपरिया में मृत अवस्था में मिला, लेकिन कोई स्पष्ट सुराग न होने से मामला अंधे हत्याकांड में बदल गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हाशिया भी बरामद कर लिया है।
पुलिस की टीम को मिली सफलता, आरोपी न्यायालय में पेश
थाना प्रभारी विकास सिंह चौहान ने बताया कि यह केस बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम की मेहनत और साइबर सेल की तकनीकी सहायता से सच सामने आया। आरोपी रवि उर्फ चुन्नू रैकवार को विधिवत गिरफ्तार कर 6 दिसंबर को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह चौहान, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गणेश दुबे, प्रधान आरक्षक देवेंद्र रैकवार, सतीश नामदेव, आरक्षक विवेक कटारे, वीरेंद्र वाडेकर तथा साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा मामले का खुलासा किए जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।









