दमोह। वन मंडल के सिंग्रामपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सुरेखा बीट में शिकारियों द्वारा वन चौकी से हथियार, कारतूस और शासकीय दस्तावेज लूटकर फरार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने जबेरा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिंग्रामपुर रेंजर मनीष पटेल ने बताया कि 26 और 27 दिसंबर की दरमियानी रात वनरक्षक विकास जाटव सहित अन्य बीट गार्ड नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान सुरेखा बीट क्षेत्र में जबलपुर पासिंग एक थार वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। वन कर्मियों द्वारा वाहन को रोके जाने पर तलाशी ली गई, जिसमें 12 बोर की बंदूक, 11 जिंदा कारतूस, एक चला हुआ कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए। वाहन में कुसमी मानगढ़ निवासी छोटू खान सहित तीन लोग सवार थे।
वन विभाग की टीम तीनों आरोपियों को पकड़कर सिंग्रामपुर वन चौकी लेकर आई, जहां उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान देर रात छोटू खान का पिता बाबर खान अपने तीन अन्य साथियों के साथ वन चौकी पहुंचा। आरोप है कि उन्होंने वन कर्मियों को धमकाते हुए जप्त की गई बंदूक, कारतूस और शासकीय दस्तावेज जबरन लूट लिए। हालांकि, जप्त की गई थार वाहन की चाबी वन कर्मियों के पास होने के कारण आरोपी वाहन को मौके से नहीं ले जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही रेंजर मनीष पटेल ने तत्काल वन मंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे सहित वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद सिंग्रामपुर वन विभाग की टीम जबेरा थाना पहुंची, जहां पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
जबेरा थाना प्रभारी विकास सिंह चौहान ने बताया कि वन विभाग की शिकायत पर छोटू खान, बाबर खान सहित कुल सात आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, शासकीय दस्तावेज लूटने, धमकी देने और जातिगत अपमान से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
वहीं, दमोह वन मंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे ने बताया कि यह गंभीर मामला है। वन कर्मियों के साथ हुई इस घटना को लेकर पुलिस को पूरी जानकारी दी गई है। पुलिस द्वारा आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है और शीघ्र ही मामले में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में रोष है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से आगे की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।









