दमोह श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने गुरुवार देर शाम पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण की सूची जारी कर दी है। इस सूची में देहात थाना प्रभारी सहित दो चौकी प्रभारियों को हटाया गया है। यह कार्रवाई हाल ही में देहात थाना से पुलिस अभिरक्षा से चोरी के एक आरोपी के फरार होने की घटना के बाद हुई है। हालांकि एसपी ने इसे नियमित तबादला प्रक्रिया बताया है, लेकिन मामले में लापरवाही उजागर होने की बात भी स्वीकार की है।
अभिरक्षा से आरोपी फरार होने के बाद कार्रवाई
गौरतलब है कि 22 फरवरी की सुबह नकबजनी के आरोपी संतोष पटेल देहात थाना से पुलिस अभिरक्षा से चकमा देकर फरार हो गया था। घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका है। आरोपी पर 2 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
इस घटना को पुलिस विभाग की गंभीर चूक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के फरार होने में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी, जिसके चलते विभागीय स्तर पर मंथन के बाद तबादला सूची जारी की गई।
देहात थाना प्रभारी लाइन अटैच
जारी आदेश के तहत देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह अमित गौतम को देहात थाना की कमान सौंपी गई है। इसी प्रकार सागर नाका चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी को देहात थाना पदस्थ किया गया है, जबकि विक्रम दांगी को सागर नाका चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है।
जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रसीता कुर्मी को भी पुलिस लाइन भेजा गया है। उनके स्थान पर प्रियंका पटेल को जबलपुर नाका चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त 13 अन्य पुलिसकर्मियों के भी तबादले किए गए हैं। इनमें कुछ को विभिन्न थाना क्षेत्रों में पदस्थ किया गया है, तो कुछ को पुलिस लाइन भेजा गया है।
एसपी ने कहा – रुटीन ट्रांसफर, नई टीम गठित
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किए गए स्थानांतरण हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि आरोपी के फरार होने की घटना में लापरवाही सामने आई है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए नई टीम गठित की गई है, जो आरोपी की तलाश में जुटी है।
एसपी ने भरोसा दिलाया कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आवश्यक सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अभिरक्षा से आरोपी के फरार होने की घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि नई टीम कब तक आरोपी को पकड़ने में सफल होती है।









