दमोह किसानों को समर्थन मूल्य न होने के साथ विभिन्न समस्याएं आक्रोश की लपटें अब सड़क पर दिखाई देने लगीं। यही कारण है कि आज शनिवार दोपहर खर्राघाट इमलिया शिवधाम से युवाओं द्वारा “अनाथ किसान यात्रा” शुरू की गई। जिसने पहले ही दिन अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर हलचल मचा दी।
यात्रा का सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब युवा किसान चन्द्रभान लोधी दंडवत चलकर आगे बढ़ते दिखे—यह दृश्य हर किसी के दिल को झकझोर गया। किसानों ने साफ कहा कि सरकार की नीतियों ने उन्हें अनाथ मजदूर बनाकर छोड़ दिया है।
यात्रा किसानों की पाँच बड़ी मांगों को लेकर निकली है। जिसमें धान ₹3100, मक्का ₹2500 समर्थन मूल्य पर खरीदी, मंडी चुनाव, दिन में बिजली और खाद का वितरण सरकारी उचित मूल्य दुकानों से करने की मांग की गई।
इस मामले में कवि चन्द्रभान सिंह लोधी ने सरकार पर किसानों को सम्मान से दूर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “हमारी मेहनत का दाम छीन लिया गया है, इसलिए यह अनाथ किसान यात्रा आयोजित की जा रही है।
एडवोकेट नरेंद्र प्रताप सिंह ने चेतावनी दी कि अगर मक्का समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी गई तो किसान सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे। पहले दिन की यह यात्रा अर्थखेड़ा में रुकेगी और 2 दिसंबर को दमोह में विशाल किसान सभा के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगी।
पहले दिन इमलिया, कांकर, सलैया, टोरी में जनसभाओं के दौरान किसानों का भारी जनसमर्थन देखने को मिला। जिन्होंने इस यात्रा में शामिल होकर सरकार से अपनी मांगे रख समर्थन किया।








