दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बरखेड़ा नाहर गांव में शनिवार रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोदो की रोटी खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्य अचानक बीमार पड़ गए।
सभी को चक्कर आने लगे और लगातार उल्टियां होने लगीं। हालत बिगड़ने पर परिजन तत्काल ही उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने उपचार शुरू किया।
बीमार हुए लोगों में गोविंद पिता प्रमोद पाल (18), उषा पाल पति प्रमोद पाल (40), रानी पति दामोदर पाल (60) एवं मीरा शामिल हैं। सभी बरखेड़ा नाहर गांव के निवासी हैं। एक साथ चार लोगों की तबीयत बिगड़ने से घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जिला अस्पताल में इलाज कर रही ड्यूटी डॉक्टर कौशिकी राजपूत ने बताया कि कोदो की रोटी खाने से फूड प्वाइजनिंग के लक्षण सामने आए हैं। सभी मरीजों को समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत अब स्थिर है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार कोदो अनाज स्वाभाविक रूप से जहरीला नहीं होता, लेकिन फसलों पर कीटनाशकों के छिड़काव के कारण यदि अनाज को बिना धोए पिसवाकर उपयोग किया जाए, तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अनाज को अच्छी तरह साफ कर उपयोग करने की अपील की है।









