
दमोह जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडी पथरिया में अव्यवस्थाओं का अंबार किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है। अपनी मेहनत की उपज लेकर आने वाले किसान अवैध वसूली, बदइंतजामी और सुविधाओं के अभाव से त्रस्त हैं। किसानों का आरोप है कि मंडी में गेट टैक्स और अन्य शुल्कों के नाम पर कर्मचारी अतिरिक्त राशि की मांग कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि कर्मचारी दिनेश पटेल द्वारा पाँच रुपये की रसीद दस रुपये में काटी जा रही है। विरोध करने पर विवाद की नौबत तक आ जाती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद मंडी प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। किसान यह भी बताते हैं कि शिकायत करने के दौरान उनकी उपज में हेराफेरी तक कर दी जाती है।
सगोनी कला के किसान राहुल पटेल ने बताया कि भवन्तर योजना के तहत सोयाबीन बेचने पर व्यापारी द्वारा हम्माली के नाम पर 644 रुपये नगद काट लिए जाते हैं, जबकि भुगतान कहीं दर्ज नहीं होता और रसीद का कॉलम भी खाली रहता है।
मंडी परिसर में अवैध वसूली के साथ-साथ चोरी, आवारा मवेशियों की समस्या, पीने के पानी की कमी और केवल एक सुलभ शौचालय होने से किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में प्रभारी महेश सिंह राजपूत ने कहा कि “₹10 की रसीद नहीं काटी जाती, ₹5 शुल्क लिया जाता है। नोट बदलने की स्थिति में कभी-कभी राशि बढ़ जाती है। कल से यह शुल्क बंद कर दिया जाएगा।”








