दमोह। शहर में बढ़ती शोरगुल की शिकायतों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने ध्वनि प्रदूषण पर कड़ाई से नियंत्रण के निर्देश जारी किए हैं। एसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ध्वनि नियमों और समयसीमा का पालन न करने वालों पर अब बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विवाह समारोह, पार्टियों, सार्वजनिक कार्यक्रमों, रैलियों, जुलूसों और धार्मिक आयोजनों में रात 10 बजे के बाद डीजे, लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार का साउंड सिस्टम पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि किसी आयोजन में संगीत बजाना आवश्यक हो तो वह भवन के अंदर और निर्धारित ध्वनि स्तर में ही सीमित रहेगा।
सभी संचालकों को जारी किए नोटिस
जिले के मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, डीजे ऑपरेटरों और आयोजनकर्ताओं को पुलिस द्वारा नोटिस जारी कर नियमों की जानकारी दी गई है। पुलिस का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे लोगों की नींद, स्वास्थ्य, बच्चों की पढ़ाई और अस्पतालों का शांत वातावरण भी प्रभावित होता है। इसी कारण पुलिस तीन स्तरों—रोकथाम, निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई—पर अभियान चलाने जा रही है।

ये हैं रोकथाम के नियम
ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 के अनुसार
रिहायशी,
साइलेंस ज़ोन, और
व्यावसायिक क्षेत्रों
में ध्वनि स्तर की निश्चित सीमा तय है। इसका उल्लंघन पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। पुलिस ने कहा है कि सभी आयोजक पूर्व अनुमति लेकर ही कार्यक्रम करें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
रात 10 बजे के बाद यदि तेज आवाज में डीजे या लाउडस्पीकर चलता मिला या किसी भी प्रकार की शिकायत आई, तो पुलिस मौके पर पहुंचकर—
साउंड उपकरण जब्त करेगी,
संचालकों पर केस दर्ज होगा,
और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सहयोग करें और शहर में अनावश्यक शोर प्रदूषण को रोकने में सहभागी बनें।










